Uttarakhand DIPR
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October 15, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड के 63 मेधावियों को CM धामी ने किया सम्मानित


उत्तराखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, दोनों परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र और मुख्यमंत्री ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने सभी मेधावी विद्यार्थियों और प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 92.10 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का परिणाम 85.11 प्रतिशत रहा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर भविष्य में भी उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगे।

शिक्षा में आधुनिकता के साथ भारतीय मूल्यों पर जोर

मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान भी शामिल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार डिजिटल लर्निंग, शिक्षा में नवाचार और भारतीय जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दे रही है।

500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि नंदा गौरा योजना के तहत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में NCERT की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं और प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और नई तकनीकों की बेहतर समझ मिल सके।

इसके अलावा मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा निखारने के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

विकसित उत्तराखंड के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इस लक्ष्य को हासिल करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, कौशल और परिश्रम के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित करने का आह्वान किया। साथ ही विश्वास जताया कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक सविता कपूर, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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