ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। करीब 1,280 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन आसान होने और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना तैयार की गई है। इसके पहले चरण में एक मूर्ति चौक से शाहबेरी नाले के पास तक तीन लेन का डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में शाहबेरी नाले से क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा।
पहले चरण पर 756 करोड़ रुपये खर्च
होंगे
परियोजना के पहले चरण के निर्माण पर करीब 756.01 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके तहत एक मूर्ति चौक से शाहबेरी नाले के पास तक तीन लेन का डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इस मार्ग के तैयार होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को प्रमुख सड़कों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में एलिवेटेड रोड को आवागमन की समस्या दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरे चरण में एक्सप्रेसवे तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
परियोजना के दूसरे चरण में शाहबेरी नाले से क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक सिंगल एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इस हिस्से के निर्माण पर लगभग 524 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। दोनों चरण पूरे होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक हो सकेगा। इससे गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी लाभ मिल सकता है।
गाजियाबाद में भी कनेक्टिविटी सुधारने की तैयारी
इस परियोजना के साथ गाजियाबाद में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कुछ प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण भाटिया मोड़ से लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह तक करीब तीन किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसके अलावा ठाकुरद्वारा के फ्लाईओवर को चार लेन का करने पर भी विचार किया जा रहा है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुगम बनाना और लोगों को जाम से राहत दिलाना है।
चार प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे खर्च
करीब 1,280 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे। हालांकि, परियोजना के अंतिम डिजाइन, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू होने की आधिकारिक समयसीमा अभी तय होना बाकी है। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही निर्माण की दिशा में अगला कदम स्पष्ट होगा। यदि योजना तय स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच भी आसान हो सकती है।

