उत्तराखंड में सेवामुक्त अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में अवसर देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने से संबंधित संशोधित नियमावली को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण छूट देने का रास्ता भी साफ हुआ है। बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें बाढ़ मैदान परिक्षेत्र के नियमन और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े फैसले भी शामिल हैं।
अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी विशेष छूट
कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्ष 2025 की नियमावली में संशोधन कर नई नियमावली तैयार की गई है। इसके तहत सेवामुक्त अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में छूट के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में भी नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी।
इस आरक्षण का लाभ पुलिस आरक्षी (नागरिक पुलिस और पीएसी), उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशामक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे वर्दीधारी पदों पर मिलेगा। इस फैसले से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य की सुरक्षा और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
बाढ़ क्षेत्र और चिकित्सा शिक्षा पर भी फैसले
बैठक में बाढ़ मैदान परिक्षेत्र नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े मामलों को नियमानुसार व्यवस्थित करना तथा बाढ़ के जोखिम को ध्यान में रखते हुए नियोजन को बेहतर बनाना है। इसके अलावा राज्य में दूसरा मेडिकल कॉलेज खोलने से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इससे चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के सभी 13 फैसले
* सेवामुक्त अग्निवीरों को राहत: समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के साथ लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में भी छूट का प्रावधान।
* जन विश्वास संशोधन विधेयक: छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली प्रक्रियात्मक गलतियों पर कार्रवाई की व्यवस्था में बदलाव के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी।
* बाढ़ मैदान नियमावली: बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को स्वीकृति।
* विधानसभा सत्र: वर्ष 2026 के तीसरे विधानसभा सत्र को बुलाने की मंजूरी। सत्र की तारीख और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
* अग्निशमन सेवा विधेयक: अग्निशमन और आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी।
* 215 पदों की निरंतरता: स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति।
* किफायती आवास परियोजना: हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र के सिसौना गांव में प्रस्तावित आवासीय परियोजना के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई के मानक में तीन मीटर की छूट। उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को मंजूरी दी गई।
* भूमि संबंधी त्रुटि में सुधार: ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में भूमि के उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने की मंजूरी।
* बाल वीरता पुरस्कार: साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी।
* मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान: हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी।
* केंद्र सरकार का आभार: राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया गया।
* अवसंरचना विकास अधिनियम: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास एवं विनियमन अधिनियम की संबंधित अनुसूची में संशोधन को मंजूरी। इसके तहत सार्वजनिक संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश और मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया।
* संस्कृति विभाग में बदलाव: वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन कर विभागाध्यक्ष के रूप में महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय को शामिल करने की मंजूरी।

