Uttarakhand DIPR
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October 12, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

सीएम धामी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात, उत्तराखंड में 2708 करोड़ से बनेंगे 315 सड़क मार्ग और 32 पुल




उत्तराखंड के ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने केंद्र के सामने बुनियादी ढांचे से जुड़ी महत्वपूर्ण मांग रखी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य की सड़क परियोजनाओं और प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में 2708 करोड़ रुपये की लागत से 315 मोटर मार्गों और 32 पुलों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और निर्माण कार्य आगे बढ़ने से पहाड़ के दूरदराज गांवों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि इन प्रस्तावों के तहत प्रदेश की 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देने का आग्रह किया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया को गति मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावों पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई और स्वीकृति की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया।

610 बसावटों को मिलेगा सड़क संपर्क का लाभ


उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां सड़क निर्माण को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कई गांव ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। बरसात के दौरान भूस्खलन, सड़क क्षतिग्रस्त होने और संपर्क मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में 315 मोटर मार्गों और 32 पुलों से जुड़े प्रस्ताव राज्य के ग्रामीण विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से विशेष रूप से दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पक्की सड़कें बनने से ग्रामीणों को अस्पताल, विद्यालय, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी अपेक्षाकृत आसान होगा। पुलों का निर्माण बरसाती नालों और अन्य जलधाराओं के कारण बाधित होने वाले आवागमन को सुचारु बनाने में मदद कर सकता है।

खेती, फल उत्पादन और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा


सड़क संपर्क मजबूत होने का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, बागवानी, फल उत्पादन और ग्रामीण पर्यटन स्थानीय आजीविका के प्रमुख साधन हैं। कई क्षेत्रों में सड़क सुविधा के अभाव में किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में परेशानी होती है। बेहतर सड़क नेटवर्क से सेब, नाशपाती, आड़ू और अन्य स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसी तरह, ग्रामीण पर्यटन और होम स्टे से जुड़े कारोबार को भी बेहतर संपर्क मार्गों का लाभ मिल सकता है। पर्यटकों की आवाजाही आसान होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी सुगम हो सकती है।


पीएमजीएसवाई के चौथे चरण पर जोर


प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार पर काम किया जा रहा है। राज्य में पहले के तीन चरणों के अंतर्गत 21,915 किलोमीटर लंबी 2,826 सड़कों का निर्माण हो चुका है, जिनसे 1,860 गांवों को लाभ मिला है। अब चौथे चरण में भी दूरस्थ गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और लंबित प्रस्तावों को जल्द आगे बढ़ाने का विषय उठाया। 2,708 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 315 मोटर मार्गों और 32 पुलों का निर्माण आगे बढ़ने से राज्य के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य शुरू होने, समय पर पूरा होने और सड़क संपर्क के नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगा।

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