Uttarakhand DIPR
Uttarakhand DIPR
October 12, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने युवाओं को दिया विकसित भारत का मंत्र, बोले- बड़े सपने देखें और निडर होकर आगे बढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा विकसित भारत के विजन की ताकत बनना चाहता है। युवाओं के नए विचार और समाधान न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया का भविष्य तय करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में आज युवाओं के सामने अनंत अवसर हैं और उन्हें अपने भविष्य को बड़े लक्ष्य के साथ देखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि युवा अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और क्षमताओं के बल पर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

नवरात्रि के पहले दिन युवाओं के बीच पहुंचने पर जताई खुशी

प्रधानमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के प्रथम दिन शिव और शक्ति की पवित्र भूमि तमिलनाडु आने और मां सरस्वती के साधकों से मिलने का अवसर मिलना उनके लिए विशेष है। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी आंखों में उन्हें भारत का भविष्य दिखाई देता है। कार्यक्रम में देर से पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से क्षमा भी मांगी।

युवाओं से बोले- यह आपका समय और अवसर है

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया नए समाधानों की तलाश में है और भारतीय युवाओं में उन समाधानों को देने की क्षमता है। उन्होंने युवाओं से देश में उपलब्ध अनगिनत अवसरों को पहचानने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास अपनी प्रतिभा साबित करने का यह सही समय है और सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत का सपना जरूर साकार होगा।

हिंदू विद्यालय के 50 वर्षों के सफर को बताया प्रेरणादायक

प्रधानमंत्री ने विश्व हिंदू विद्या केंद्र और पूरे हिंदू विद्यालय परिवार को स्वर्ण जयंती की बधाई दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम में केवल सात विद्यार्थियों के साथ इस संस्थान की शुरुआत हुई थी। उस समय न स्थायी भवन था और न ही पर्याप्त संसाधन, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भावना के बल पर यह संस्थान आगे बढ़ता रहा। आज तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में इसके 15 संस्थान संचालित हो रहे हैं।

जयगोपाल गारोडिया के योगदान को किया याद

पीएम मोदी ने विद्यालय के भवन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जयगोपाल गारोडिया को याद किया। उन्होंने उन सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों और पूर्व विद्यार्थियों की सराहना की, जिन्होंने संस्थान की यात्रा को सफल बनाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि पांच दशकों की यह यात्रा समर्पण, प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के जीवन को संवारने की प्रेरक मिसाल है।

एक रुपए बचाकर सैनिकों के लिए जुटाए 40 लाख रुपए

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदू विद्यालय केवल शिक्षा देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्त नागरिकों के निर्माण का भी उदाहरण है। उन्होंने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में साझा किए गए उस प्रयास का उल्लेख किया, जिसमें गिरिजा शेषाद्रि ने बच्चों को प्रतिदिन एक रुपए बचाकर देश के सैनिकों को समर्पित करने का विचार दिया था। इस पहल से हजारों बच्चे जुड़े और करीब 40 लाख रुपए जुटाए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे योगदान भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कारों पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद करना और स्वच्छता से जुड़े प्रयासों में भाग लेना ऐसे संस्कार हैं, जो हिंदू विद्यालय परिवार की विरासत का हिस्सा हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं को बताया जीवन का मार्गदर्शक

पीएम नरेंद्र मोदी ने महान संत तिरुवल्लुवर को याद करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट करने का अवसर मिला था। प्रधानमंत्री ने कहा कि तिरुक्कुरल जीवनभर सीखते रहने की प्रेरणा देता है। केवल ज्ञान हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारना भी जरूरी है।

भारतियार की कविता से युवाओं को निडर बनने की प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने महाकवि सुब्रमण्यम भारतियार के जीवन में काशी की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि काशी के आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना से परिपूर्ण वातावरण का भारतियार के विचारों पर गहरा प्रभाव पड़ा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के सांसद के रूप में वहां के लोगों के मन में भी भारतियार के प्रति गहरा सम्मान है। उनकी कविता ‘अच्चमिल्लै, अच्चमिल्लै’ निडर होकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

Leave a Comment