Uttarakhand DIPR
Uttarakhand DIPR
October 7, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड में SIR के बाद कटे नामों की फिर होगी जांच, घर-घर पहुंचेंगे BLO, पात्र मतदाताओं का मौके पर भरवाया जाएगा फॉर्म-6



उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं, उनके लिए राहत की खबर है। अब नाम जुड़वाने के लिए लोगों को बार-बार निर्वाचन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निर्वाचन विभाग ने बाहर हुए मतदाताओं के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की स्थिति की जांच करेंगे।

BLO यह देखेंगे कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में उसी पते पर रह रहा है या नहीं और उसका नाम मतदाता सूची से किस वजह से बाहर हुआ। यदि जांच में व्यक्ति पात्र मतदाता पाया जाता है और उसका नाम गलती से सूची से हट गया है, तो मौके पर ही फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज भी लिए जाएंगे। इसके बाद नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निर्वाचन विभाग का कहना है कि SIR के बाद अब सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम और अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता में SIR के आंकड़ों और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर भी हटाए गए और अनुपस्थित, स्थानांतरित व मृत मतदाताओं से संबंधित सूचियां उपलब्ध कराई गई हैं।

17.05 लाख नाम हटे, 4.34 लाख नए मतदाता जुड़े

निर्वाचन विभाग के अनुसार जनवरी 2025 से 13 अगस्त 2026 तक चली प्रक्रिया में प्रदेश में 4,34,620 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 17,05,000 नाम मतदाता सूची से हटाए गए। यानी नए जुड़े मतदाताओं की तुलना में हटाए गए नामों की संख्या करीब चार गुना रही।

इससे पहले प्री-SIR प्रक्रिया के दौरान 3.63 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे, जबकि करीब 7.73 लाख नाम हटाए गए थे। अब विभाग का जोर हटाए गए नामों की स्थिति की दोबारा जांच करने और पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने पर है।

3 अक्टूबर को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची

SIR शुरू होने से पहले उत्तराखंड में कुल 79,60,762 मतदाता थे। 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 71,33,785 रह गई थी। ड्राफ्ट सूची में 8,26,977 मतदाता एएसडीडी श्रेणी में पाए गए। इसके बाद दावे और आपत्तियां दाखिल करने का मौका दिया गया। इस दौरान 25,164 मतदाताओं के आवेदन स्वीकार किए गए। इसके बाद अंतिम सूची में 8,01,813 मतदाता एएसडीडी श्रेणी में बाहर रह गए।

3 अक्टूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अंतिम सूची और SIR से जुड़े अन्य दस्तावेज अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए हैं।

8 जून से शुरू हुई थी मुख्य प्रक्रिया

उत्तराखंड में SIR की मुख्य प्रक्रिया 8 जून 2026 से शुरू हुई थी। इस दौरान BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाए और पुराने मतदाता रिकॉर्ड का मिलान किया। यह देखा गया कि कौन मतदाता अपने पते पर मौजूद है, किसका प्रपत्र प्राप्त हुआ है और किन मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी तरह की समस्या है।

14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। इसके बाद दावे और आपत्तियां दाखिल करने, नोटिस देने और सुनवाई की प्रक्रिया चली। निर्वाचन विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ कई चरणों में समीक्षा बैठकें भी कीं।

अब अंतिम सूची जारी होने के बाद विभाग का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो पात्र होने के बावजूद किसी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए। ऐसे लोगों का घर-घर सत्यापन कर उनकी पात्रता की जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने पर नाम जोड़ने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इससे उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका नाम SIR के दौरान किसी कारण से सूची से बाहर हो गया है।आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर खबर को सरल, प्रवाहपूर्ण और समाचार शैली में रखा है।

Leave a Comment