प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में गुजरात के सोमनाथ और मोढेरा मंदिरों की ऐतिहासिक विरासत, संघर्ष और पुनर्निर्माण की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान और आस्था को मिटाने के लिए किए गए तमाम हमलों के बावजूद देश की सांस्कृतिक विरासत आज भी मजबूती से खड़ी है। पीएम मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष की शुरुआत इसी पर्व के साथ की गई थी।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 1026 में मोहम्मद गजनी ने पहली बार सोमनाथ मंदिर पर हमला कर उसे ध्वस्त किया था। उन्होंने कहा कि जो लोग सोमनाथ मंदिर को तोड़कर भारत की पहचान मिटाने आए थे, आज उनका कोई वजूद नहीं है। इसके विपरीत सोमनाथ मंदिर आज भी विशाल समुद्र के किनारे पूरी भव्यता के साथ खड़ा है और देश को अपनी अमर सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाता है।
मोढेरा सूर्य मंदिर पर भी हुआ था हमला
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 1026 में ही गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पर भी हमला किया गया था। इस लिहाज से मोढेरा मंदिर के विध्वंस को भी करीब एक हजार वर्ष पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राजा भीमदेव प्रथम ने वर्ष 1025 में मोढेरा के सूर्य मंदिर का निर्माण कराया था। निर्माण के कुछ ही समय बाद इस पर बड़ा हमला हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ जैसे बड़े धार्मिक केंद्र पर हमला और कई अन्य स्थानों पर हुए विध्वंस से किसी भी समाज या शासन का मनोबल टूट सकता था। लेकिन राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल आक्रमण का सामना किया, बल्कि कुछ ही समय बाद मोढेरा सूर्य मंदिर का पुनर्निर्माण भी कराया।
बार-बार हमलों के बावजूद कायम रही विरासत
पीएम मोदी ने कहा कि इसी जीवटता के कारण बार-बार हुए विध्वंस के बावजूद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण होता रहा। मोढेरा मंदिर भी बाद के कालखंड में हमलों से अछूता नहीं रहा। उन्होंने बताया कि अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में भी इस भव्य मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि भारत में सूर्य की उपासना केवल मंदिर और वास्तुकला तक सीमित नहीं है। सूर्य हमारे लिए प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा का प्रतीक है।
अब सौर ऊर्जा का उदाहरण बना मोढेरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मोढेरा सिर्फ सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि देश के पहले ‘सूर्य ग्राम’ यानी सोलर विलेज के रूप में भी जाना जाता है। मोढेरा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण पेश कर रहा है। यहां पर्यटकों के लिए कई सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी में मकर संक्रांति के बाद यहां मोढेरा नृत्य महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें भारत के शास्त्रीय और सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुतियां होती हैं। पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे मोढेरा जरूर जाएं और इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आधुनिक विरासत को करीब से देखें।

