Uttarakhand Silver Jubilee 25वीं वर्षगांठ : उत्तराखंड आज हुआ 25 बरस का, रजत जयंती पर पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल, स्थापना दिवस पर पीएम मोदी आज देहरादून में देवभूमि को देंगे कई सौगातें - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
March 5, 2026
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Uttarakhand Silver Jubilee 25वीं वर्षगांठ : उत्तराखंड आज हुआ 25 बरस का, रजत जयंती पर पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल, स्थापना दिवस पर पीएम मोदी आज देहरादून में देवभूमि को देंगे कई सौगातें





उत्तराखंड के इतिहास में 9 नवंबर की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। यह उत्तराखंड के स्थापना दिवस की तारीख है, जिसने 2025 में अपने 25 साल पूरे कर लिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के 25वें रजत जयंती समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन एफआरआई परिसर में किया गया है, जो तीन लाख स्क्वायर फीट से अधिक क्षेत्र में तैयार विशाल पंडाल और सुरक्षा उपायों के साथ एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। इसमें एक से डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है।प्रधानमंत्री सुबह 11 बजे जालीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और वहीं से हेलिकॉप्टर के माध्यम से FRI परिसर पहुंचेंगे। और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री 8,140 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। साथ ही, पीएम फसल बीमा योजना के तहत 28,000 से ज्यादा किसानों के खातों में सीधे ₹62 करोड़ राशि भी जारी करेंगे। पीएम मंच से ही 930 करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन और 7,210 करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसमें प्रमुख रूप से पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास शामिल है।
उत्तराखंड की मांग को लेकर कई वर्षों तक आंदोलन चले। 1990 के दशक का वह आखिरी दौर था, जब उत्तराखंड के लोग पृथक निर्माण के लिए अपना धैर्य खो रहे थे। आखिरकार 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड के लिए वह ऐतिहासिक दिन था, जब उसे भारत के 27वें राज्य के रूप में पहचान मिली। वर्तमान में उत्तराखंड शिखर जैसी ऊंचाइयां छू रहा है और राज्य स्थापना की ‘सिल्वर जुबली’ मना रहा है।

जन आंदोलन तो ठीक थे, लेकिन अलग राज्य संविधान के अनुच्छेद-3 में उल्लेखित एक विधायी प्रक्रिया से ही बनना था। इस प्रक्रिया की शुरुआत संसद के किसी सदन में पुनर्गठन विधेयक पेश करके उसे मूल राज्य उत्तर प्रदेश की विधानसभा में सहमति के लिए भेजने से होनी थी।

संविधान में अलग राज्य बनाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 में निर्धारित है। राष्ट्रपति की अनुमति पर प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में रखा जाता है और फिर उसे संबंधित राज्य की विधानसभा में भेजा जाता है। राज्य विधानसभा भी निर्धारित समय में उस विधेयक पर निर्णय लेकर वापस संसद के उसी सदन को वापस भेजती है। पृथक राज्य निर्माण विधेयक संसद के दोनों सदनों में साधारण बहुमत (कुल सदस्यों के आधे) से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही अलग राज्य का निर्माण कानूनी रूप से संभव है।

19 मार्च 1998 में केंद्र में अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने शपथ ली। तब तक पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन को राष्ट्रीय फलक पर स्वीकार्यता मिल गई थी। भाजपा सिर्फ उत्तराखंड राज्य ही नहीं बनाना चाहती थी, वह उत्तराखंड के साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ को भी पृथक राज्य बनाना चाहती थी।

1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट ने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के लिए पुनर्गठन विधेयक को लोकसभा में पेश करने का निर्णय लिया। विधयेक पेश करने के साथ पहली बार पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए विधायी प्रक्रिया शुरू हुई।

लोकसभा में ‘विधेयक’ पेश किया गया। इसके बाद लोकसभा ने संविधान के अनुच्छेद-3 के अंतर्गत इस विधेयक को चर्चा के लिए मूल प्रदेश उत्तर प्रदेश की विधानसभा को भेजा। राज्य सरकार ने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के विधेयक पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया और विधेयक को पास किया।

17 अप्रैल 1999 को 13 महीने पुरानी अटल सरकार गिर गई और विधेयक लोकसभा में ठंडे बस्ते यानी पेंडिंग लिस्ट में चला गया। हालांकि, अल्पमत में एनडीए की सरकार गिरने के बाद दोबारा चुनाव हुए। जब फिर से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तो उत्तराखंड को नए राज्य के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

पृथक उत्तराखंड राज्य के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत होने के बाद भी तत्कालीन एनडीए गठबंधन की अटल सरकार के सामने इस बिल को संसद के दोनों सदनों में पास करवाना ही बड़ी परेशानी थी, क्योंकि तब लोकसभा में भाजपा के पास अकेले बिल पास कराने के लिए संख्याबल नहीं था। एनडीए में शामिल कुछ दल भी उसी स्थिति में थे कि उनके राज्यों में भी अलग राज्य गठन की मांग उठ रही थी। तब संसद में 26 सांसदों वाली समाजवादी पार्टी भी पृथक राज्य की विरोधी थी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा से पास होकर आया विधेयक लोकसभा में रखा गया। हालांकि, यहां से अटल सरकार बिल पास कराने में सफल रही, लेकिन असल चुनौती राज्यसभा में थी। 1999 में राज्यसभा में एनडीए गठबंधन अल्पमत में था। लोकसभा से पास होकर आए विधेयक को राज्यसभा में रखा गया।

245 की संख्या वाली राज्यसभा में इस विधेयक को पास कराने का साधारण बहुमत यानी 123 की संख्या पूरा करना जरूरी था।। उस समय कुछ विपक्षी दलों के सहयोगी ने अटल सरकार का काम आसान किया और यहां से भी बिल पास करा लिया गया। इस तरह संसद के दोनों सदनों में विधेयक पास हो पाया। इसके बाद राष्ट्रपति की अनुमति मिलते ही यह विधेयक ‘उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम’ बना। इसी अधिनियम से 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड भारत गणराज्य का 27वां राज्य बना।




पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के लोगों को दी बधाई




उत्तराखंड राज्य की स्थापना को 25 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। प्रकृति की गोद में बसी हमारी यह देवभूमि आज पर्यटन के साथ-साथ हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रही है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के मेरे सभी भाई-बहनों को अनेक शुभकामनाएं। प्रकृति की गोद में बसी हमारी यह देवभूमि आज पर्यटन के साथ-साथ हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रही है। प्रदेश के इस विशेष अवसर पर मैं यहां के विनम्र, कर्मठ और देवतुल्य लोगों की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी आज देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे

इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी ने शनिवार रात ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “देवभूमि उत्तराखंड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। 9 नवंबर को राज्य के गठन के रजत जयंती समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा। दोपहर करीब 12:30 बजे देहरादून के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शिक्षा, सिंचाई और खेल सहित कई सेक्टर से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करूंगा। इसके साथ ही एक स्मारक डाक टिकट भी जारी करने का शुभ अवसर मिलेगा।”

उत्तराखंड राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

उत्तराखंड रजत जयंती के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “उत्तराखंड राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संस्कृति की भूमि यह राज्य आने वाले वर्षों में निरंतर प्रगति, शांति और समृद्धि की नई ऊंचाइयां छूता रहे, यही ईश्वर से कामना है।”

प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत देवभूमि उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत देवभूमि उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। यह वही पवित्र भूमि है जहां ऋषियों का तप, सैनिकों का शौर्य और मातृशक्ति का त्याग एक साथ प्रवाहित होता है। उत्तराखंड ने सदैव देश को बलिदान, संस्कृति और सेवा की भावना से प्रेरित किया है।”

इस अवसर पर निशंक ने कहा मैं उन सभी अमर आंदोलनकारियों को नमन करता हूं, जिन्होंने राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया

उन्होंने आगे कहा, “इस अवसर पर मैं उन सभी अमर आंदोलनकारियों को नमन करता हूं, जिन्होंने राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। आइए, इस पावन दिन पर हम संकल्प लें कि अपनी मेहनत, समर्पण और संस्कृति के बल पर उत्तराखंड को विकास, शिक्षा, पर्यावरण और समृद्धि का अग्रणी राज्य बनाएंगे।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तराखंड की स्थापना के 25 साल पूरे होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तराखंड की स्थापना के 25 साल पूरे होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “पौराणिक परंपराओं की पावन धरा, पवित्र स्थलों से समृद्ध ‘देवभूमि’ उत्तराखंड राज्य के स्थापना दिवस की उत्तराखंड वासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह राज्य सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बन रहा है। बाबा श्री केदारनाथ जी से प्रार्थना है कि भारत का यह ‘मुकुट मणि’ विकास के सुपथ पर सतत गतिमान रहे।”

देवभूमि उत्तराखंड के स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उत्तराखंड के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “देवभूमि उत्तराखंड के स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। हिमालय की गोद में बसा यह राज्य गंगा-यमुना का उद्गम स्थल और चारों धामों की पुण्य भूमि होने के कारण हमारी संस्कृति, अध्यात्म और प्रकृति की अनुपम विरासत का प्रतीक है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और प्रगति के नित नए आयाम स्थापित कर रहा है

सीएम रेखा गुप्ता ने आगे लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और प्रगति के नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। बाबा केदारनाथ और बद्री विशाल से प्रार्थना करती हूं कि राज्य के सभी नागरिकों का जीवन सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति से परिपूर्ण रहे।”

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