इस बार मानसून भूस्खलन और बारिश में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन तीनों राज्यों में लगातार बारिश और बादल फटने से अब तक सैकड़ों लोगों की जान गई है इसके साथ भारी तबाही भी हुई है। पिछले 24 घंटे में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के बाद बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं हुई। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर में भारी बारिश के बीच मणिमहेश यात्रा पर निकले 11 श्रद्धालुओं की लैंडस्लाइड में मौत हो गई है। मृतकों में 3 पंजाब, 1 उत्तर प्रदेश और 5 चंबा के रहने वाले हैं। दो लोगों की अभी पहचान नहीं हुई है।अधिकारियों के अनुसार, लोगों की मौतें पहाड़ से पत्थर गिरने और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। भरमौर में करीब 3 हजार मणिमहेश श्रद्धालु फंसे हैं, जिनका रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पिछले सप्ताह लैंडस्लाइड में 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। 9 लापता हो गए थे।
दूसरी तरफ, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार रात बादल फटने से कई लोग लापता हैं। रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि प्रभावित इलाकों से 70 से ज्यादा लोगों को निकाला गया है। एक महिला की मौत हुई है। 4 नेपाली और 4 स्थानीय सहित आठ मजदूर मलबे में दबे हैं।
बाढ़ की तस्वीरें —



रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है। रिहायशी इलाकों में भी पानी घुस गया है। बद्रीनाथ हाईवे अलकनंदा नदी में डूब गया है, जिससे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच आवाजाही रुक गई है। केदारनाथ घाटी के लावारा गांव में मोटर मार्ग पर बना एक पुल भी तेज बहाव में बह गया। चमोली में भी कई परिवारों के मलबे में फंस होने की आशंका हैं। अचानक आई बाढ़ के पानी में बड़े-बड़े पत्थरों से कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

